भारत में लागू हुए नए श्रम संहिता

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भारत में लागू हुए नए श्रम संहिता

भारत में लागू हुए नए श्रम संहिता: 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ग्रेच्युटी और सामाजिक सुरक्षा की बड़ी सौगात

भारत सरकार ने देश की श्रम प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए नए लेबर कोड्स लागू कर दिए हैं। इन कोड्स के लागू होने के बाद देश के लगभग 40 करोड़ श्रमिकों को न्यूनतम वेतन की गारंटी, समय पर ग्रेच्युटी, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कामकाजी माहौल जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

नए लेबर कोड चार प्रमुख हिस्सों में विभाजित हैं—

  • वेतन संहिता (Code on Wages)
  • सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code)
  • औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code)
  • व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संहिता (OSH Code)

🔹 न्यूनतम वेतन की गारंटीवेतन संहिता के तहत अब सभी क्षेत्रों और राज्यों में श्रमिकों को राष्ट्रीय स्तर पर तय किया गया न्यूनतम वेतन मिलेगा। इससे असंगठित क्षेत्र के करोड़ों मजदूरों को फायदा होगा, जिन्हें पहले कई बार कम भुगतान मिलता था।

🔹 ग्रेच्युटी के नियम हुए आसानपहले ग्रेच्युटी पाने के लिए कर्मचारियों को कम से कम 5 साल की नौकरी आवश्यक थी, लेकिन नए प्रावधानों के बाद संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिक कम अवधि में भी ग्रेच्युटी के पात्र बन सकते हैं। इससे गिग वर्कर्स और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को बड़ी राहत मिलेगी।

🔹 सामाजिक सुरक्षा का विस्तारसोशल सिक्योरिटी कोड लागू होने के बाद अब ईएसआई, ईपीएफ और पेंशन जैसी योजनाएँ केवल संगठित क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगी।

• गिग वर्कर्स

• प्लेटफ़ॉर्म वर्कर्स

• असंगठित क्षेत्र के श्रमिक

भी अब सामाजिक सुरक्षा लाभों का हिस्सा बनेंगे।

🔹 बेहतर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकOSH कोड के तहत फैक्ट्रियों, निर्माण स्थलों और खतरनाक उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षा मानकों को और कड़ा किया गया है। दुर्घटना बीमा, सुरक्षित कार्यस्थल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का प्रावधान है।

🔹 श्रमिक-नियोक्ता संबंधों में सुधारऔद्योगिक संबंध संहिता के ज़रिए कंपनियों और कर्मचारियों के बीच विवादों को तेजी से सुलझाने की व्यवस्था बनाई गई है। इसके अलावा हड़ताल और छंटनी जैसे मामलों के लिए नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।-

–सरकार का दावा—

‘श्रमिकों का जीवनस्तर बदलेगा’केंद्र सरकार का कहना है कि नए लेबर कोड देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित करेंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा, पारदर्शिता आएगी और श्रमिकों की आय तथा सुरक्षा में सुधार होगा।

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