PUTIN ARRIVES: 23rd India-Russia Annual Summit Kicks Off Tonight

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रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin आज शाम

आएंगे भारत — 23वां India–Russia Annual

Summit

नई दिल्ली — रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin आज (4 दिसंबर 2025) शाम भारत के लिए रवाना हो रहे हैं। वे दो दिवसीय राज्य यात्रा पर आएंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य है 23वाँ India–Russia Annual Summit आयोजित करना। यह उनके लिए 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद भारत की पहली यात्रा होगी।

उनके आगमन के साथ ही औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें सैन्य गार्ड ऑफ आनर और राजकीय स्वागत शामिल है। इसके बाद अगली सुबह – 5 दिसंबर को — Summit कार्यक्रम शुरू होगा।

दौरे का महत्व — क्यों है ये दौरा खास

रणनीतिक साझेदारी को मजबूती: इस दौरे को दोनों देशों के बीच “विशेष व विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” को फिर से मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है। दोनों नेता — रूस के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री — द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा करेंगे।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग: रक्षा क्षेत्र में सहयोग इस शिखर सम्मेलन का अहम एजेंडा है। सम्भावित प्रमुख समझौतों में S-400 वायु रक्षा प्रणाली, आधुनिक फाइटर जेटों (जैसे SU-57) की खरीद या सह-उत्पादन, और अन्य रक्षा साझेदारियां शामिल हो सकती हैं।

ऊर्जा, व्यापार और आर्थिक सहयोग: रूस और भारत ऊर्जा, व्यापार, उद्योग और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। रूस का उद्देश्य है कि भारत के साथ तकनीकी साझेदारी और आपसी व्यापार को बढ़ाया जाए — विशेषकर भारतीय वस्तुओं के निर्यात को रूस की बाजारों तक पहुंचाने पर।

वैश्विक भू-राजनीतिक संदर्भ: यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर पश्चिमी देशों की नज़र है; ऐसे में इस दौरे के ज़रिए भारत और रूस दोनों ही यह दिखाना चाहते हैं कि उनकी दोस्ती किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होगी।

क्या-क्या हो सकता है — उम्मीद की जाने वाली घोषणाएं व समझौते

10 से अधिक अंतर-सरकारी समझौते और 15 से अधिक व्यावसायिक सौदे — व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, और अन्य क्षेत्रों में।

व्यापक रक्षा साझेदारी: S-400 मिसाइल प्रणाली, संभवतः SU-57 जेट, और अन्य रक्षा-संबंधित परियोजनाओं पर समझौते।

आर्थिक व व्यापार विस्तार — रूस भारतीय वस्तुओं (खाद्य, फार्मा, तकनीक आदि) के आयात को बढ़ावा देना चाहता है, ताकि द्विपक्षीय व्यापार संतुलित हो सके।

रणनीतिक संवाद — दोनों देश विश्व व क्षेत्रीय मसलों, भू-राजनीति व सुरक्षा चुनौतियों पर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे।

यात्रा का शेड्यूल (संभावित रूप में)
दिन / समय गतिविधि / कार्यक्रम
आज शाम पुतिन भारत पहुंचेंगे, स्वागत समारोह, औपचारिक स्वागत — गार्ड ऑफ ऑनर सहित

5 दिसम्बर (सुबह) 23वां India–Russia Annual Summit शुरू, द्विपक्षीय वार्ता, समझौतों पर चर्चा व हस्ताक्षर

उसी दिन (शाम) औपचारिक भोज / दावत, विभिन्न समारोह — राष्ट्रपति भवन सहित अन्य कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं

यह दौरा क्यों देख रही है पूरी दुनिया — और भारत के लिए क्या मायने?

इस दौरे को इसलिए वैश्विक नजरों से देखा जा रहा है क्योंकि:

रूस पश्चिमी दबाव — विशेषकर तेल-उर्जा और हथियारों के व्यापार पर — के बावजूद भारत से अपने रिश्ते मजबूत करना चाहता है।

भारत भी अपनी रक्षा व ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस पर परम्परागत भरोसा बनाए रखना चाहता है, जबकि वह पश्चिम व अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ अपने रिश्तों को संतुलित रखना जारी रखे।

बड़े रक्षा व ऊर्जा समझौते, और आर्थिक व्यापार बढ़ने से न सिर्फ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी, बल्कि इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा-स्वतंत्रता की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।

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