महतारी वंदन योजना(Mahtari Vandan Yojna)\’ में व्यापक e-KYC अभियान 2025, 4.25 लाख लाभार्थियों को भुगतान रुकने का खतरा

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महतारी वंदन योजना(Mahtari Vandan Yojna)\’ में व्यापक e-KYC अभियान

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रायपुर, 12 दिसंबर, 2025: छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना, \’महतारी वंदन योजना\’ (MVY) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अपात्र (ineligible) आवेदकों को बाहर करने के लिए एक बड़ा और समयबद्ध e-KYC प्रक्रिया शुरू किया है। महिला एवं बाल विकास (WCD) संचालनालय द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, योजना के तहत हर महीने दिए जा रहे भत्ता को निरंतर प्राप्त करने के लिए अब यह सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य भर में लगभग 4.25 लाख महिलाओं के लिए स्थिति गंभीर है, जिन्होंने अभी तक यह डिजिटल verification पूरा नहीं किया है, और उनके भुगतान (payment) पर रोक लगने का खतरा मंडरा रहा है।

महतारी वंदन योजना, जो छत्तीसगढ़ की 69 लाख से अधिक विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 की महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है, अब अपने सबसे व्यापक audit से गुजर रही है।

संचालनालय से सख्त निर्देश और भुगतान पर रोक (Payment Halt) का आदेश

महिला एवं बाल विकास संचालनालय द्वारा 08 दिसंबर 2025 को जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह सत्यापन राज्य शासन के निर्देश पर एक प्रमुख कार्य है। इस पत्र में जिला कार्यक्रम अधिकारियों और एकीकृत बाल विकास परियोजना (ICDS) के परियोजना अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सभी शेष लाभार्थी निर्धारित समय-सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करें। प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जिन लाभार्थियों का e-KYC लंबित रहेगा, उनका भुगतान अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा, और यह राशि तभी जारी होगी जब सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर बारीकी से नज़र रखने के लिए, परियोजना अधिकारियों को उन सभी लाभार्थियों की सटीक सूची तैयार करने का कार्य सौंपा गया है जिनका भुगतान रोक दिया गया है या जिनका e-KYC विफल (fail) हो गया है।

विभाग ने अधिकारियो को अभी हितग्राहियो की जानकारी सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए है , जैसे:

  • लाभार्थी का पंजीयन क्रमांक (Registration Number)।
  • नाम और मोबाइल नंबर।
  • e-KYC विफल होने का विशिष्ट कारण (specific reason), उदाहरण के लिए, आधार में नाम का असंगत होना (mismatch) या बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट का न मिलना।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा एक महत्वपूर्ण verification जिसमें यह पुष्टि करना शामिल है कि लाभार्थी उसी क्षेत्र का निवासी है और कार्यकर्ता उसे व्यक्तिगत रूप से जानती है।

यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि तकनीकी समस्याओं (technical issues) का समाधान किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल पात्र (eligible) लाभार्थी ही योजना का लाभ लेते रहें।

4.25 लाख लाभार्थियों के लिए घर-घर जाकर अभियान (Door-to-Door Campaign)

एक बड़े और सुनियोजित जमीनी प्रयास में, महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों (supervisors) सहित अपने फील्ड स्टाफ को mobilized किया है। ये कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर अभियान चला रहे हैं। इन कार्यकर्ताओं को लगभग 4.25 लाख महिलाओं की पहचान करने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है, जिन्होंने अभी तक सत्यापन नहीं कराया है। वे इन लाभार्थियों को प्रेरित कर रही हैं और उन्हें निर्दिष्ट verification centers तक मार्गदर्शन कर रही हैं।

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि e-KYC की पूरी प्रक्रिया लाभार्थियों के लिए पूर्ण रूप से निःशुल्क (completely free of cost) है। सत्यापन ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत भवनों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में किया जा रहा है, जिसे अधिकृत Common Service Centre (CSC) operators द्वारा सुविधा प्रदान की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य वित्तीय बोझ को खत्म करना और विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों में महिलाओं के लिए पहुँच में सुधार करना है।

तकनीकी बाधाएँ और बैंक खाते के अनिवार्य नियम

e-KYC ड्राइव में कुछ तकनीकी कठिनाइयाँ भी आ रही हैं। फील्ड रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में महिलाएं तकनीकी विसंगतियों (discrepancies) और पुरानी जानकारी के कारण समस्याओं का सामना कर रही हैं। सामान्य बाधाओं में शामिल हैं:

  • Aadhaar Data Discrepancies: आधार और बैंक रिकॉर्ड में नाम या वर्तनी (spelling) की त्रुटियां, या पुराने बायोमेट्रिक्स
  • Biometric Failures: जिन मामलों में फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण (authentication) विफल हो जाता है, लाभार्थियों को सलाह दी जा रही है कि वे Aadhaar Seva Kendra जाकर अपना डेटा अपडेट कराएं।
  • Bank Account Mandates: सख्त दिशानिर्देशों के अनुसार, सहायता राशि केवल महिला के व्यक्तिगत (personal), individual bank account में ही जमा की जानी चाहिए; संयुक्त खाते (joint accounts) स्वीकार्य नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि खाता Aadhaar-linked होना चाहिए और DBT (Direct Benefit Transfer) active होना अनिवार्य है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भुगतान केवल Aadhaar-Based Payment System (ABPS) के माध्यम से ही संसाधित (processed) किए जाएंगे। इसलिए, किसी भी विसंगति या e-KYC की कमी से मासिक ₹1,000 की राशि का हस्तांतरण (transfer) सीधे बाधित होगा।

लाभार्थी Status पर राजनीतिक बहस

इस सत्यापन अभियान ने राज्य में एक राजनीतिक बहस को भी जन्म दिया है। जहां सत्तारूढ़ दल यह दावा कर रहा है कि e-KYC, धोखाधड़ी और दुरुपयोग को रोकने, और यह सुनिश्चित करने के लिए एक मानक, आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया है कि केवल \”पात्र और वास्तविक\” लोग ही लाभ प्राप्त करें, वहीं विपक्ष ने चिंताएं व्यक्त की हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि e-KYC प्रक्रिया लाभार्थियों की सूची से बड़ी संख्या में नामों को हटाने की एक राजनीतिक रणनीति है। हालांकि, राज्य के अधिकारियों ने इस प्रक्रिया का मजबूती से बचाव किया है, और जोर देकर कहा है कि इसका एकमात्र उद्देश्य योजना की ईमानदारी (integrity) और दक्षता (efficiency) को बढ़ाना है।

सरकार का संदेश स्पष्ट है: \’महतारी वंदन योजना\’ का महत्वपूर्ण वित्तीय समर्थन बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए, सूचि में दर्ज सभी लाभार्थियों को तत्काल अपना e-KYC पूरा करना अनिवार्य है।

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