NATS – 2.0, भारत सरकार का एक और महत्वपूर्ण योजना, युवाओ को मिलेगा निशुल्क व्यावहारिक प्रशिक्षणNEW 

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Latest Update – NATS भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य डिग्री व डिप्लोमा पास युवाओ को उद्योगों एवं संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलाना है। जिससे देश के युवा रोजगार के लिए तैयार हो सके।

भारत में युवाओं को रोजगार योग्य कौशल प्रदान करने के लिए, सरकार कई योजनाएँ चला रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योजना है National Apprenticeship Training Scheme (NATS)। यह योजना तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं को इंडस्ट्री में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए अनुभव प्रदान कर रोजगार के लिए तैयार करता है।

क्या है NATS?

National Apprenticeship Training Scheme यह एक कौशल विकास कार्यक्रम है, जो भारत सरकार द्वारा चलाया जाता है, जिसमें Engineering Degree और Diploma धारक युवाओं को 1 वर्ष की apprenticeship की ट्रेनिंग दी जाती है।

इस योजना के तहत प्रशिक्षुओं को किसी कंपनी या संस्थान में काम करने का अवसर मिलता है। इससे वे प्रैक्टिकल अनुभव और इंडस्ट्री स्किल्स हासिल कर सकते हैं।

क्या है NATS के उद्देश्य :

  • देश के युवाओं को प्रैक्टिकल इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव देना
  • पढ़ाई और नौकरी के बीच की दूरी कम करना
  • युवाओं को Skill Training देकर रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ाना

NATS योजना की मुख्य विशेषताएँ:

  1. NATS के अंतर्गत युवा उम्मदवारो को 12 महीने तक किसी कंपनी में ट्रेनिंग दी जाती है।
  2. ट्रेनिंग के दौरान प्रशिक्षुओं को मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है। यह सामान्यतः ₹8,000 से ₹12,000 या उससे अधिक हो सकता है। इस स्टाइपेंड की राशि में सरकार एवं कंपनी दोनों का योगदान रहता है।
  3. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उम्मीदवार को भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त Apprenticeship Certificate दिया जाता है, जो नौकरी पाने में मददगार होता है।
  4. इस योजना के माध्यम से युवाओं को वास्तविक उद्योग व संस्थानों में काम करने का अनुभव मिलता है।

NATS के लिए पात्रता (Eligibility)

NATS में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को निम्नलिखित योग्यताएँ पूरी करनी होती हैं:

  • Engineering Degree या Diploma पास चाहिए
  • मान्यता प्राप्त संस्थान से पढ़ाई पूरी की हो
  • नए उम्मीदवार या जिनके पास ज्यादा अनुभव नहीं है

प्रशिक्षण अवधि

  1. सामान्यतः 6 महीने से 12 महीने
  2. प्रशिक्षण की अवधि और कार्य उद्योग/संस्था के अनुसार तय होता है

NATS योजना में CSC (Common Service Center) की भूमिका

भारत सरकार द्वारा Common Service Centers (CSC) ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। CSC केंद्रों के माध्यम से कई सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा दी जाती है

CSC केंद्र NATS योजना के तहत निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान करते हैं:
  1. NATS Registration – CSC सेण्टर की सहायता से छात्र ऑनलाइन पंजीयन करा सकते है।
  2. दस्तावेज़ अपलोड– CSC सेण्टर में जाके छात्र आसानी से अपने दस्तावेज जैसे – आधार , शैक्षणिक प्रमाण पत्र एवं बैंक विवरण अपलोड करा सकते है।
  3. आवेदन प्रक्रिया में सहायता – कई ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों को ऑनलाइन आवेदन करना कठिन होता है। ऐसे में CSC ऑपरेटर पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन देते हैं।
  4. जागरूकता बढ़ाना – CSC केंद्र युवाओं को NATS योजना के बारे में जानकारी देकर स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करते हैं।

Establishment कब हुई थी –

National Apprenticeship Training Scheme (NATS) की शुरुआत **Apprentices Act के तहत हुई थी।

  • भारत सरकार ने सन 1961 में Apprentices Act लागू किया था।
  • 1973 में संशोधन (amendment) करके इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को भी apprenticeship training में शामिल कर लिया गया।

National Apprenticeship Training Scheme (NATS) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो युवाओं को शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा आसान बनाने में मदद करती है। इस योजना के माध्यम से छात्र न केवल इंडस्ट्री अनुभव प्राप्त करते हैं बल्कि उन्हें स्टाइपेंड और सरकारी प्रमाणपत्र भी मिलता है।

दूसरी ओर, CSC केंद्रों की भूमिका ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक इस योजना का लाभ पहुँचाने में बहुत महत्वपूर्ण है। CSC के माध्यम से, छात्र आसानी से NATS में पंजीकरण कर सकते है। यदि आप तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं और नौकरी के लिए प्रैक्टिकल अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो NATS योजना आपके लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकती है।

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